Profile
हिन्दी विभाग : परिचय
रवीन्द्रनाथ ठाकुर विश्वविद्यालय का हिन्दी विभाग भाषा, साहित्य और अनुसंधान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एक प्रतिष्ठित केंद्र है। विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि जागृत करना, उनमें समालोचनात्मक व विश्लेषणात्मक दृष्टि विकसित करना तथा उन्हें समृद्ध भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जोड़ना है। पूर्वोत्तर भारत की भाषाई विविधता को आत्मसात करते हुए यह विभाग विद्यार्थियों को नैतिक, बौद्धिक और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
विभाग की ऐतिहासिक यात्रा वर्ष 1964 में तत्कालीन ‘होजाई कॉलेज’ की स्थापना के साथ शुरू हुई, जहाँ प्रारंभिक स्तर पर हिन्दी शिक्षण का शुभारंभ हुआ। शैक्षणिक स्तर को विस्तार देते हुए वर्ष 1992 में इलेक्टिव हिन्दी और वर्ष 1994 में स्नातक स्तर पर हिन्दी मेजर (ऑनर्स) की पढ़ाई आरंभ की गई। इसके बाद वर्ष 2019 में संस्थान को ‘रवीन्द्रनाथ ठाकुर विश्वविद्यालय’ के रूप में उन्नत किया गया, जिससे यह विभाग एक पूर्ण विश्वविद्यालयी विभाग के रूप में पुनर्गठित हुआ।
उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करते हुए विभाग ने सत्र 2023-24 से स्नातकोत्तर (एम. ए. हिन्दी) तथा विद्यावाचस्पति (Ph.D.) शोध कार्यक्रमों की शुरुआत की। वहीं, रोजगारपरक शिक्षा और भाषाई कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए सत्र 2025-26 से ‘पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन’ पाठ्यक्रम भी आरंभ किया गया है।
विभाग में प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक साहित्य के साथ-साथ व्यावसायिक हिन्दी, अनुवाद विज्ञान और जनसंचार का गुणवत्तापूर्ण अध्ययन कराया जाता है। अनुभवी प्राध्यापकों के मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालयीय संसाधनों और समय-समय पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं व ‘हिन्दी सप्ताह’ जैसे साहित्यिक आयोजनों के बल पर विभाग विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करता है।